Transcript of Live Meditation with Daaji | 17 June | 5.30pm IST | Budaun | UP | Daaji | Heartfulness
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कृपया करके साहब कह रहे हैं यदि किसी के मन में कोई प्रश्न है तो वह कोई भी प्रश्न पूछ सकता है पूछना है प्रणाम सदा जी प्रणाम भैया मेरा नाम प्रियांश है मेरा यह प्रश्न है कि अगर कोई व्यक्ति एक सीमित समय तक अपनी आध्यात्मिक आध्यात्मिकता को स्टार्ट करता है रेगुलर मेडिटेशन कर रहा है और किसी वजह से अगर उसका किसी वजह से अगर वह मेडिटेशन कुछ टाइम के लिए गैप हो जाए तो अगर वह दोबारा जब स्टार्ट करेगा तो वह वहीं से शुरू करेगा जहां उसकी आध्यात्मिक प्रगति रुकी थी या फिर उसको शुरू से शुरू शुरू करना पड़ेगा बहुत टेक्निकल और जिसमें प्रैक्टिकिटी है ही नहीं इस तरह का प्रश्न है क्योंकि कई लोग हर दिन करते हैं इसका यह मतलब नहीं होता कि वो आगे बढ़ गए कई लोग एक घंटे के बदले सिर्फ 10 मिनट ध्यान करते हैं और कई लोग दो घंटे करते हैं और दोनों में फर्क है जैसे आपको किसी ने कान पकड़ के स्कूल में बैठा दिया बेवकूफ तो पढ़ता नहीं है मेरे सामने पढ़ अब तो वो 8 घंटा बैठा रहेगा फिर भी कुछ सीखेगा नहीं यहां पर भी मैंने देखा कई लोग बेचैन थे कई लोग अबजब हो गए थे ध्यान में ये बेचैनी क्यों जब ध्यान का ध है उनमें मिलन हो जाए यूनियन विद गॉड तो यह यूनियन की घड़ी आवे तब यह कौन सी बेचैनी आपको पकड़ के रखी है तो ध्यान नहीं रहेगा तो कौन से भाव से कैसी मनो दशा में हम ध्यान कर रहे हैं उस पर यह सब आधारित है चाहे ना आप कभी भी ध्यान नहीं किया लेकिन लेकिन आपका मन ध्यान में हो जाए तो ध्यान करने की जरूरत नहीं है तो की थिंग इज हाउ वेल यू आर इन ट्यून दैट्स ऑल [प्रशंसा] पूज्य मालिक को प्रणाम मालिक मेरा सवाल यह है कि ध्यान में हमें प्रेममय बनना होता है लेकिन मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि वो हृदय में प्रेम आता कहां से है इतना समय हो गया ध्यान करते करते लेकिन वो प्रेम की हालत मुझे अपने अंदर कहीं दिखाई नहीं देती कृपया मार्गदर्शन करें क्या प्रश्न है वो क्या भूल गए मालिक ध्यान का उद्देश्य है प्रेममय बनना लेकिन मुझे वो प्रेम अपने अंदर दिखाई नहीं देता है और समझ में भी नहीं आता वो प्रेम आएगा कहां से तो कैसे वो प्रेम अपने अंदर विकसित तो अब किसी की मत छोड़ो आप में होता है कि नहीं हम में भी कभी-कभी नहीं होता है गुस्सा कर लेते हैं गुस्सा होना या इरिटेट होना उसका मतलब नहीं है कि आप प्रेम नहीं है आप देखो गुस्सा हमेशा अपनों के साथ ही होता है जिनको हम ज्यादा प्रेम करते हैं तो गुस्सा को समझ लो बहुत ज्यादा प्रेम करते होंगे वो मुझे इट डिपेंड्स ऑन यू हम कैसे किस तरह से उसको लेते हैं जैसे लैला मजनू की स्टोरी है वह बर्तन फेंक देती थी उनके तो बोलता है ये तो मेरी स्पेशल ट्रीटमेंट है जिसका दिल प्रेम से भरा है ना उसका कोई भी बहाने वो प्रेम को जारी रखेगा कटेगा नहीं भूल हम यही करते हैं कि वह मुझे चाहती है कि नहीं वो भूल जाओ मैं उनको चाहता हूं बहुत है मैं उनको प्रेम करता हूं वह बहुत है दूसरों से उम्मीद मत रखो भगवान से भी मत रखो मालिक बेटा आपके लिए कुछ लाया है अगर आपकी इजाजत हो तो वो आपको कुछ क्या हुआ बाद में ओके वन लास्ट क्वेश्चन एंड देन डिस्पर्स हेलो मास्टर को मेरा प्रणाम हृदय से मेरा मेरा यह प्रश्न है बहुत देर से दिमाग में चल रहा कि मैं पूछूं या नहीं पूछूं लेकिन मैं पूछ रही हूं आपसे कि मेरा जो पहला संस्कार भय है तो वो क्या हमारा क्लीनिंग के द्वारा यह संस्कार खत्म होता है या किसी चीज से जुड़ा रहता है क्लीनिंग से सही ढंग से जब हम क्लीनिंग करते हैं तो सभी तरह के संस्कार निकल जाते हैं हम खुद नहीं कर पाए तो मालिक से प्रार्थना करो वो कर देंगे सबको प्रणाम आप सब आए हैं यहां पर इतनी दूरी दूरी से टाइम निकाल के आप पद्धति को चैलेंज करो इसको मानने की कोई भी जरूरत नहीं है अंधा बिलीफ अंधी श्रद्धा रखने से कोई फायदा नहीं है उसको लाइक ए साइंटिस्ट आप उसके एक्सपेरिमेंट करो आपने अभी तक बहुत तरह की पूजा की होगी आपने परिणाम भी देखे होंगे ध्यान की पद्धतियों पर भी हम एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं और यह मैं नहीं कहता हूं कि हार्टफुलनेस जो है सहज मार्ग की पद्धति ओनली वन नो बहुत पद्धतियां है ब्रह्म कुमारी भी सिखाते हैं आर्ट ऑफ लिविंग भी सिखाते हैं ईशा योग भी सिखाते हैं और बहुत लोग सिखाते हैं सिर्फ एक हफ्ता सब कर लो एक हफ्ता ईशा करो एक हफ्ता आर्ट ऑफ लिविंग करो एक हफ्ता ब्रह्म जो भी मन में आए करो एक हफ्ता बहुत सिंसियरली बाद में देखो उसके परिणाम सबके कैसे कैसे आपको अनुभूति करवाते हैं और जो सबसे अच्छा आपको दिल में लगे उसको पकड़े रखो किसी भी चीज में पहले से श्रद्धा लगाने की सहज भी जरूरत नहीं है भय विहीन होके लाइक साइंटिस्ट हमें एक्सपेरिमेंट करने चाहिए थैंक यू थैंक यू जी आप सब कृपया करके अपने स्थान पर बैठे रहिए कृपया करके अपने स्थान पर बैठे रहिए आप सब से निवेदन है कि आप सब अपने स्थान पर बैठे रह
Live Meditation with Daaji | 17 June | 5.30pm IST | Budaun | UP | Daaji | Heartfulness
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