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Transcript of Kabhi NAHI dekhi hogi aisi Jaadui DUNIYA | Film/Movie Explained in Hindi/Urdu | Movie Story

Video Transcript:

कहानी की शुरुआत में हम देखते हैं एक ताकतवर आदमी फिनिश्ड और उसके चेले एंडडी को। इस वक्त यह दोनों जंगल में एक बहुत बड़े जंगली सूअर को पकड़ने जा रहे थे जो लोगों की फसलों को बर्बाद कर रहा था। गांव वाले उससे बहुत तंग थे। इस खतरनाक जानवर के सामने भी फिनिश डरा नहीं। उसने आंडी से कहा कि सब मुझे हीरो मानते हैं। अगर मैंने इस सूअर को काबू में नहीं किया तो क्या इज्जत रह जाएगी मेरी? उसने हथियार उठाया और सूअर पर हमला किया। लेकिन इन छोटे हमलों से सूअर पर कोई भी असर नहीं हुआ। फिनिश की मदद के लिए एंडडी ने भी अपने हथियार से सूअर पर हमला बोल दिया। लेकिन उसका हथियार सूअर की नाक में चला गया और वह नींद से जाग गया। अब सूअर गुस्से में आ गया और एंडडी की ओर बढ़ा। लेकिन तभी फिनिश उसके आगे आ गया उसे रोकने के लिए। उसने पूरा जोर लगाया लेकिन इस ताकतवर जानवर को रोक नहीं पाया। अपना थोड़ा सा जोर लगाकर ही सूअर ने फिनिश्ड को हवा में उड़ा दिया और आखिर में वह नीचे आकर सूअर के ऊपर ही गिरा। इस सूअर को काबू में लाने के लिए एंडडी ने फिनिस्ट की तरफ एक रस्सी फेंकी। जैसे ही फिनिश् ने रस्सी पकड़ी, यह सूअर हवा में उड़ने लगा। फिनिश ने रस्सी को इस सूअर के दोनों पंखों और उसके सींग में बांध दिया जिससे वो सूअर फिनिश्ड के काबू में आ गया और फिनिस्ट उसे अपने हिसाब से उड़ाने लगा। जल्द ही वो उसे उड़ाते हुए गांव में ले गया। जब गांव वालों ने देखा कि इतने बड़े जानवर को भी फिनिश अपने इशारों पर नचा रहा है तो सब लोग उसके नाम की जय जयकार करने लगे। इन्हीं लोगों के बीच बाबा यागा नाम की एक जादूगरनी भी है। उसने फिनिस्ट से कहा कि अगर तुम इतने ही ताकतवर हो तो साबित करके दिखाओ। उसके घर के आगे एक बड़ा पत्थर पानी को रोक रहा है। तो उसने फिनिश्ड को पत्थर वहां से हटाने की चुनौती दी। फिनिश ने कहा कि मैं बहुत बड़ी-बड़ी मुसीबतों का सामना कर चुका हूं और जादूगरनी ने उसे यह छोटा सा चैलेंज दिया है। वो अपनी बहादुरी के किस्से सुनाने लगा। याका ने कहा कि जब तक मैं अपनी आंखों से नहीं देखती मैं नहीं मानने वाली। यह सुनकर अब सब लोग हंस पड़े। फिनिश गुस्से में अपने घर चला गया। उसे याका पर बहुत गुस्सा आ रहा था क्योंकि अब उसकी बहादुरी की तारीफ करने की बजाय लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। अब वह अपनी ताकत को सबके सामने साबित करना चाहता था जिससे लोग फिर से उसकी वाहवाही करने लगे। एंडडी ने सलाह दी कि ऐसा करने का एक रास्ता है। सामने जो टावर है ना ऐसा माना जाता है कि वहां एक राक्षस ने एक बेहद खूबसूरत लड़की को कैद कर रखा है और वह लड़की एक राजकुमारी है। अगर तुमने उस राक्षस को मारकर राजकुमारी को आजाद कर दिया तो पूरी दुनिया में तुम्हारा नाम गूंजेगा। फिनिस्ट ने तय कर लिया कि वह इस राक्षस से जरूर लड़ेगा। रात होते ही फिनिस्ट और एंडडी उस टावर की ओर निकल पड़े। वहां पहुंचकर उसने देखा कि यहां पहले से ही कुछ योद्धा इस राक्षस को हराने आए थे लेकिन वह लोग मशहूर होने यहां नहीं आए। वह तो राजकुमारी को बचाकर उससे शादी करना चाहते हैं। उन सब ने फिनिश से पूछा कि अगर उन्होंने मिलकर राक्षस को हरा दिया तो राजकुमारी किसे मिलेगी? इस बात पर फिनिश ने कहा कि मुझे नहीं चाहिए यह राजकुमारी। मैं तो बस यहां पर नाम कमाने आया हूं। अलग जाकर फिनिश ने एंडडी को बताया कि वह उस राक्षस को अकेले मारना चाहता है। इसीलिए वह सुबह का इंतजार नहीं करेगा। यह कहकर वह टावर के अंदर खिड़की से चला गया। वहां पहुंचते ही फिनिस्ट को वह खूबसूरत राजकुमारी मिली। उसने फिनिस्ट से कहा कि क्या तुम भी मरने के लिए आए हो? फिनिश ने कहा कि मैं तुम्हें बचाने आया हूं। यह सुनकर लड़की भाग के अंदर चली गई। उसे रोकने के लिए फिनिस्ट ने उसका हाथ पकड़ लिया। राजकुमारी ने अपना हाथ छुड़ाया और एक पिलर के पीछे चली गई। तभी पीछे से एक सांप ने फिनिस्ट पर हमला कर दिया। फिनिस्ट इस सांप से लड़ने लगा। तभी फिनिश को समझ आया कि यह कोई आम सांप नहीं है बल्कि उस राक्षस की पूंछ है जिससे लड़ने वह यहां आया है। यह देखकर उसने पहले तो राक्षस पर खूब हमले किए। लेकिन जब कोई वार काम नहीं आया तो फिनिश ने उस राक्षस की दुम यानी उसके सांप वाले मुंह को हाथ में पकड़ लिया और अपनी पूरी ताकत से इस सांप के मुंह को चीरने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही फिनिस्ट ने उसका मुंह अपने हाथों से खोला, सांप ने फिनिस्ट की आंखों में थूक दिया। और अब फिनिस्ट को नजर आना बंद हो गया। वह अंधा हो गया। अंधा होने पर भी फिनिश ने हार नहीं मानी और अपने पैर से टटोल कर अपना हथियार ढूंढ लिया। अब फिनिश ने दोबारा उस राक्षस पर हमला किया। लेकिन वो राक्षस गायब हो गया। फिनिश ने इतने हमले किए कि टावर टूटने लगा। टावर टूटने के शोर से सभी योद्धा भी जाग गए। वह सभी टावर से गिर रहे मलबे के पास आए। इन योद्धाओं को ना राजकुमारी दिखी ना ही राक्षस। बस दिखा तो मलबे के नीचे दबा हुआ फिनिश्ड जो धीरे-धीरे उठ रहा था। जब एंडडी को पता चला कि फिनिस्ट अपनी आंखें खो चुका है तो वह उसे वहां से ले जाकर घर छोड़ आया। फिनिश अपनी आंखों को खोकर बहुत गुस्से में था। वह बहुत चिड़चिड़ा हो गया था। उसकी यह हालत एंडडी से देखी नहीं गई। एंडडी मदद के लिए बाबा यागा के पास गया। उसने बाबा यागा को सब कुछ बताया कि फिनिस्ट के साथ क्या हुआ। लेकिन बाबा यागा ने मदद करने से साफ मना कर दिया। क्योंकि जब वह मुसीबत में थी तो फिनिस्ट ने भी उसकी मदद नहीं की थी। यह बात जब फिनिस्ट को पता चली तो वह बहुत उदास हो गया। इसी तरह वक्त गुजरता रहा। अब एंडडी ने भी फिनिश के पास आना बंद कर दिया था। वह अपने सारे काम बहुत मुश्किल से कर पाता। बाहर जाकर खाने-पीने का सामान खरीद कर लाता लेकिन बच्चे उसके फल चुरा लेते। अब उसके पैसे भी खत्म होने वाले थे। एक दिन एंडडी फिनिश के घर आया तो उसने गुस्से में एंडडी से कहा कि उसके पास एंडडी के लिए कोई काम नहीं है। तो तुम एक काम करो कुछ और ढूंढ लो। यह सुनकर एंडडी वहां से चला गया। बीतते समय के साथ फिनिश्ड के सारे पैसे खत्म हो गए। अब वह दिन आ गया कि फेनिस्ट बाजार के सड़े गले फल खाने लगा। ऐसे ही एक दिन जब उसे सड़ा गला फल भी नहीं मिला, तो वह अपनी टोकरी लेकर बाजार में बैठा रहा। बाबा यागा वहां से गुजर ही रही थी कि तभी उसने फिनिश को देखा तो उसने अपनी टोकरी से कुछ खाने का सामान फिनिश्ड की टोकरी में डाल दिया। इससे पहले यह दोनों कुछ बात करते गांव पर कुछ लुटेरों ने हमला कर दिया। यह लुटेरे गांव के लोगों को मारने लगे। फिनिश देख तो नहीं सकता लेकिन उसे अच्छे से सुनाई दे रहा था कि कैसे लोग मर रहे हैं, तड़प रहे हैं। जैसे ही लुटेरे उसके पास आए, उसने आवाज सुनकर वापस उन पर हमला किया। कुछ देख ना पाने के बावजूद भी सिर्फ आवाज के सहारे वह दो-तीन डाकुओं से एक साथ लड़ रहा था। एक दूसरे डाकू ने फिनिश्ड पर रस्सी फेंकी। लेकिन फिनिश ने यह रस्सी पकड़ कर डाकू को घोड़े से नीचे गिरा दिया और फिर उसे अपनी तरफ खींचकर उसकी खूब धुलाई की। लेकिन कुछ डाकुओं ने पीछे से उस पर हमला किया और वह वहीं बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो वह एक शिप में था। उसकी गर्दन और हाथों को एक लकड़ी में बांधा गया था। इस जहाज में बाबा यागा और गांव के काफी सारे लोग भी थे। फिर हमने देखा कि एंडडी भी यहां है। वो जहाज में आजाद घूम रहा था। बाबा यागा ने पूछा कि तुम आजाद कैसे घूम रहे हो? तो उसने कहा कि मैंने इन डाकुओं को यकीन दिला दिया है कि मैं इनकी तरफ ही हूं। मैं इनकी मदद करूंगा। साथ ही वह गांव वालों के ऊपर डाकुओं के लिए नजर भी रखेगा। एंडडी के पास इस वक्त एक सोने का चिराग है जो उसने डाकुओं से चुराया था। उसने कहा कि वह इस चिराग को बेचकर खूब पैसे कमाएगा। जैसे ही एंडडी ने इस चिराग को रगड़कर साफ किया तो उसमें से एक जिन बाहर निकला। उसे देखकर सब घबरा गए। यहां तक कि एंडडी भी नीचे का शोर सुनकर एक डाकू वहां आ गया। लेकिन जिन ने इस डाकू को मारकर ऊपर फेंक दिया। जब जिन एंडडी के पास गया उसकी ख्वाहिश पूछने तो एंडडी ने कहा कि वापस चिराग में चले जाओ। और वह जिन दोबारा से चिराग में चला गया। ऊपर से एक डाकू आया और एंडडी के गले पर तलवार तानकर अपना चिराग उससे वापस ले लिया और कुछ ही देर में यह जहाज अरेबिया पहुंचा। गांव से लाए हुए सभी लोगों को गुलाम के तौर पर बेचने के लिए खड़ा कर दिया गया। वहां एक नकाबपश आदमी आया और उसने फिनिश्ड बाबायागा और एंडडी को खरीद लिया। वो उन्हें अपने महल में ले गया। वहां पहुंचते ही सभी लोग इतना बड़ा महल देखकर हैरान रह गए। इस महल में रोबोट काम कर रहे थे। हालांकि यह बहुत ही पुराना जमाना है। तभी उस आदमी ने अपने चेहरे से नकाब हटाया। उसने कहा कि हैरान मत हो। मैं एक साइंटिस्ट हूं और यह सभी रोबॉट उसी ने बनाए थे। इस आदमी ने बताया कि उसने और भी बहुत सी मशीनें बनाई हैं जिससे इंसानों का काम आसान हो सके। फिनिश ने इस आदमी को अपनी कहानी बताई कि कैसे वह पहले एक बहुत ताकतवर योद्धा था और अंधा होने के बाद उसकी जिंदगी नर्क हो गई। साइंटिस्ट ने कहा कि मैंने तुम्हारे और बाबा यागा के बारे में सुना है। यह आदमी गुलामों को खरीद कर उन्हें आजाद कर देता है। जैसे ही खाने का वक्त हुआ, साइंटिस्ट ने अपने रोबोट से खाना मंगवाया। यह देखकर तो सब लोग बहुत इंप्रेस हो गए। इन सबको लगा कि यह कोई जादू है। लेकिन साइंटिस्ट ने बताया कि यह कोई जादू-वादू नहीं है। मैं पिछले 500 साल से इनके ऊपर काम कर रहा हूं। यह सुनकर याका हैरान हो गई और कहा कि तुम 500 साल से इतने जवान कैसे हो? इस पर साइंटिस्ट ने कहा कि मैंने एक ऐसा केमिकल तैयार किया था जिसे पीकर लोग हमेशा के लिए जवान बने रह सकते हैं। अब वो उन तीनों को अपनी लैब दिखाने ले गया। वहां जाकर फिनिश ने पूछा कि तुमने यह केमिकल कैसे तैयार किया और क्या उसे पीकर मेरी आंखें भी वापस आ सकती हैं? साइंटिस्ट ने कहा कि उससे तो नहीं हो पाएगा लेकिन मेरे पास एक दूसरी चीज है। उसने फिनिस्ट को एक चश्मा पहनाया जिससे उसे दोबारा सब कुछ दिखने लगा। साइंटिस्ट का मानना था कि साइंस की मदद से कोई भी चमत्कार किया जा सकता है और जो लोग जादू का इस्तेमाल करते हैं वह दुनिया को नुकसान पहुंचाते हैं और इन नुकसान पहुंचाने वाली चीजों को खत्म करने के लिए ही उसने एक मशीन बनाई है। अपनी बात को साबित करने के लिए उसने वो चिराग निकाला जो उसने लुटेरों से खरीदा है। याका ने कहा कि यह खतरनाक हो सकता है लेकिन साइंटिस्ट रुका नहीं। उसने चिराग को घिसा और उसमें से जिन निकला। उसने अपनी मशीन चला दी जिसने जिन को अपने अंदर खींच लिया। जिसके बाद उसने कहा कि देखा मेरे आविष्कार ने जीनी को खत्म कर दिया। उसी रात साइंटिस्ट को पता चला कि पास की एक पहाड़ी पर एक राक्षस है जो आम आदमियों को नुकसान पहुंचा रहा है। साइंटिस्ट ने कहा कि उसे तो पकड़ना ही होगा। जब यह बात फिनिस्ट को पता चली कि इस राक्षस का शेर जैसा मुंह है और सांप जैसी दुम तो फिनिस्ट तुरंत समझ गया कि यह तो वही राक्षस है जिसने उसे अंधा किया था। फिनिश ने साइंटिस्ट से कहा कि मैं भी साथ चलूंगा। मुझे उस राक्षस से बदला लेना है। लेकिन साइंटिस्ट उसकी जान को खतरे में नहीं डालना चाहता। इस पर फिनिस्ट ने कहा कि आपने मेरी मदद की है इसलिए मैं भी आपकी मदद करूंगा। इसके बाद साइंटिस्ट ने फिनिस्ट को एक गैजेट दिया जिसे अगर राक्षस के पास रखा जाए तो वह खुद ही उसमें कैद हो जाएगा। रात को बाबायागा इस साइंटिस्ट की लैब में घुस गई। वो यहां से उस केमिकल को पीना चाहती थी ताकि वह भी हमेशा जवान रहे। लेकिन साइंटिस्ट ने उसे पकड़ लिया और कहा कि अगर तुम लोग राक्षस को लाने में कामयाब हो गए तो मैं खुद ही तुम्हें उस केमिकल का थोड़ा हिस्सा दे दूंगा। अगले दिन जब वो सभी लोग जाने के लिए तैयार हुए तो साइंटिस्ट ने उन्हें अपनी स्पेसशिप दिखाई जिसकी मदद से वह वहां बहुत जल्दी पहुंच सकते हैं। उसने उन सबको उसे चलाना सिखाया। जाने से पहले साइंटिस्ट ने कहा कि मुझे वो राक्षस जिंदा चाहिए। साइंटिस्ट ने फिनिश्ड के हथियार को भी बेहतरीन बना दिया था। अब उसमें एक बटन था जिसे दबाते ही वह सब किया जा सकता है जो एक मामूली हथियार पहले नहीं कर पाता। अब उन्होंने उस उड़न तश्तरी में बैठकर अपना सफर शुरू किया और जल्द ही यह लोग उस पहाड़ी पर पहुंच गए जहां वो राक्षस है। काफी देर तक ढूंढने के बाद आखिरकार फिनिस्ट को उस राक्षस के पांव के निशान मिल गए। वो निशान एक गुफा के अंदर जा रहे थे। फिनिस्ट ने साइंटिस्ट की मशीन इस गुफा के बाहर रख दी। फिनिश जानता था कि उसे राक्षस को मारना नहीं है। सिर्फ कैद करना है। इसीलिए वह बड़े आराम से अंदर गया और अपने हथियार से राक्षस को ललकारा और फिर वह बाहर आ गया। जैसे ही वह बाहर आया तो उसका सर एक पेड़ से टकरा गया जिससे वह वहीं पर बेहोश हो गया। राक्षस भी गुफा से बाहर निकल आया। इससे पहले राक्षस फिनिश्ड को कुछ नुकसान पहुंचाता। बाबा यागा ने जल्दी से उस मशीन को एक्टिवेट कर दिया। उस मशीन के अंदर से बहुत सारी चेन बाहर आई और राक्षस को खींच कर अंदर ले गई। फिर यागा ने लिवर दोबारा से दबाया और मशीन बंद हो गई। कुछ ही देर में फिनिश्ड को भी होश आ गया और अब वह सब लोग मिलकर वापसी का सफर करने लगे। सफर बहुत लंबा था इसीलिए यह लोग रात को बीच रास्ते में ही आराम करने लगे। रात को पिंजरे से फिनिश्ड को एक लड़की की आवाज सुनाई दी। वो पिंजरे को खोलने लगा। बाबा यागा ने उसे ऐसा करने से रोका लेकिन वो नहीं रुका। जब पिंजरा खुला तो अंदर वही राजकुमारी थी जो टावर के अंदर फिनिश्ड को मिली थी। बाबा यागा ने कहा कि इसका मतलब यह राजकुमारी ही वह राक्षस है। यागा ने कहा कि इसे बाहर निकालना काफी खतरनाक हो सकता है। लेकिन फिनिस्ट उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं था क्योंकि शहजादी पर उसका दिल आ गया था। जैसे ही फिनिस्ट ने राजकुमारी की तरफ हाथ बढ़ाया, बाबा आगा ने उसे धक्का दे दिया और पिंजरे को बंद कर दिया। राजकुमारी ने बताया कि मैंने तुम्हारा हाथ इसलिए नहीं पकड़ा क्योंकि मेरे ऊपर एक श्राप है। अगर कोई भी आदमी उसे छुएगा तो वह राक्षस में बदल जाएगी। राजकुमारी ने कहा कि मैं बुरी नहीं हूं। वह तब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती जब तक सामने से कोई हमला ना करे ताकि मेरी वजह से किसी को नुकसान ना हो। मैं तो यहां अकेली पहाड़ों में रहती हूं। लेकिन इंसान उसे यहां भी जीने नहीं देते। इसके बाद हमने देखा कि साइंटिस्ट ने एक किसान की बिल्ली चुराई थी। किसान ने उससे भीख मांगी कि यह बिल्ली किसी का कोई नुकसान नहीं करती बल्कि फायदा ही करती होगी थोड़ा बहुत। दरअसल रात को इस बिल्ली से लाइट निकलती थी जिससे आसपास रोशनी हो जाती। लेकिन साइंटिस्ट ने किसान की बात नहीं सुनी। उसने बिल्ली को अपनी मशीन के नीचे रखा। यह मशीन किसी भी चीज की जादुई शक्तियों को खींच लेती है और इसी तरह इस मशीन ने बिल्ली की जादुई ताकत भी खींच ली और फिर बिल्ली को जादू से एक केमिकल में बदल दिया जिसे साइंटिस्ट ने अपनी तिजोरी में रख दिया। यहां साइंटिस्ट ने बहुत सारे केमिकल्स पहले से इकट्ठा कर रखे थे। वहां राजकुमारी और फिनिश एक दूसरे से प्यार करने लगे थे। बाबा यागा और एंडडी इन दोनों को कैद करके साइंटिस्ट के पास ले जाने लगे। यह लोग जब साइंटिस्ट के महल में पहुंचे, तो दूर खड़े होकर ही साइंटिस्ट को देखने लगे। उन्होंने देखा कि साइंटिस्ट ने एक जादुई परिंदे का सारा जादू खींच लिया और उससे बने केमिकल को अपने रोबॉट्स में डाल दिया। इसका मतलब था कि यह रोबॉट साइंस से नहीं बल्कि जादू की मदद से चल रहे हैं। वो इन सारे केमिकल्स को सभी जादुई चीजों से निकाल रहा है। इसके बाद बाबायागा बहुत गुस्से में उसके सामने पहुंची। उसने कहा कि तुम झूठे हो। यह रोबॉट कोई आविष्कार नहीं है बल्कि जादू से चलने वाले पुतले हैं। जिसका मतलब है कि तुम्हारी उम्र भी जादू से ही लंबी हुई है। वह जादू जो उस साइंटिस्ट ने मासूम जानवरों को मारकर हासिल किया है। यह सुनकर साइंटिस्ट को गुस्सा आ गया और उसने कहा कि मेरा सच जो भी जान जाए वह जिंदा नहीं बचता। इसके बाद बाबा यागा और एंडडी डर कर वहां से भागने लगे। बाबा यागा ने फिनिश्ड और शहजादी को भी आजाद कर दिया। क्योंकि वह जान गई थी कि यह साइंटिस्ट इस राजकुमारी के साथ भी यही करेगा। राजकुमारी ने बताया कि वह साइंटिस्ट को जानती है। वह काफी समय से उसके पीछे पड़ा है। तभी साइंटिस्ट भी वहां पहुंच गया। उसने अपने सारे रोबोट्स को इकट्ठा कर लिया ताकि उनमें से कोई भी भाग ना पाए और फिर राजकुमारी के अंदर से भी उसके जादू को अपनी मशीन से खींचने लगा। फिनिश ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वह बंधा हुआ था। वो उसे बचा तो नहीं सकता था लेकिन उसने राजकुमारी का हाथ पकड़ लिया ताकि वह राक्षस में बदल जाए। राक्षस बनते ही राजकुमारी ने अपनी जंजीरें तोड़ दी और वहां से भाग गई। मौका पाकर बाबा यागा और फिनिश्ड भी वहां से बच निकले लेकिन साइंटिस्ट के आदमी उनके पीछे लग गए। बाबा यागा ने उनसे बचने के लिए अपने जादू का इस्तेमाल किया। उसने तरबूज के बीज उन पर फेंके जो अचानक तरबूजों में बदल गए। साइंटिस्ट ने भी अपना बड़ा रोबॉट निकाला। वह किसी भी हाल में फिनिश्ड और बाबा यागा को नहीं छोड़ सकता क्योंकि वह उसकी सच्चाई जानते हैं। एंडडी ने साइंटिस्ट को समझाया कि हमारे पास जितना जादुई केमिकल है बहुत है लेकिन साइंटिस्ट नहीं माना। वो बड़ा टर्टल रोबोट जब बाहर निकला तो पूरा महल टूट गया। साइंटिस्ट अब इस रोबॉट के अंदर बैठकर एंडडी के साथ फिनिश और यागा का पीछा कर रहा था। अब वो इन दोनों पर तोप के गोले बरसाने लगा। फिनिश ने यागा से कहा कि तुम इसका ध्यान भटकाओ और मैं इसके ऊपर चढ़कर इसे उल्टा करने की कोशिश करता हूं। क्योंकि एक बार अगर यह बड़ा सा टर्टल उल्टा हो गया तो सीधा नहीं हो पाएगा। जैसे ही वह रोबोट यागा के सामने आया उसमें लगी मशीन यागा के अंदर के जादू को खींचने लगी। जिस वजह से यागा बिल्कुल बूढ़ी लगने लगी। यह देखकर फिनिस्ट को बहुत तरस आया। लेकिन जब तक वह साइंटिस्ट का ध्यान भटका रही थी, फिनिश टर्टल के ऊपर चढ़ गया। जब साइंटिस्ट ने यह देखा तो उसने टर्टल के हाथ फैला दिए ताकि वह फिनिश्ड को नीचे फेंक सके। फिनिश्ड तो नहीं गिरा लेकिन उसका चश्मा गिर गया। अब उसे दिखना बंद हो गया था। बाबा यागा ने जैसे ही यह देखा तो वह फिनिस्ट की मदद करने लगी। उसे बताने लगी कि कैसे लड़ना है, कहां जाना है। इतनी ही देर में राक्षस बनी हुई वह राजकुमारी वहां आ गई। उसे देखकर साइंटिस्ट डर गया। वहीं फिनिस्ट ने टर्टल के गले में जंजीर बांध दी और उसे उल्टा करने लगा। जिसके बाद टर्टल के अंदर मौजूद सारा जादुई केमिकल नीचे गिरने लगा। साइंटिस्ट ने अपने जादुई पंखों से वहां से बच निकलने की कोशिश की लेकिन उसके जादुई पंखों ने काम नहीं किया और वह नीचे उस जादुई केमिकल में गिर कर मर गया। वहीं फिनिश् भी अब थक कर बेहोश हो गया था। राजकुमारी उसे वहां गिरा हुआ देखकर रोने लगी क्योंकि उसे डर लग रहा था कि उसे कुछ हो तो नहीं गया। वो फिनिश् से सच्चे दिल से प्यार करने लगी थी। जैसे ही शहजादी के आंसू फिनिस्ट की आंखों में गिरे तो उसे अचानक ही होश आ गया। साथ ही उसकी नजर भी वापस आ गई थी। फिनिश ने उससे अपने प्यार का इज़हार किया और हमेशा राजकुमारी के साथ रहने का वादा भी। लेकिन राजकुमारी ने कहा कि अपने श्राप की वजह से मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकती। फिनिश उदास हो गया और अपने बाकी साथियों के साथ गांव वापस आ गया। लेकिन अभी भी वह राजकुमारी की याद में खोया हुआ था। जब बाबा यागा दोबारा जवान होने का रास्ता ढूंढ रही थी, तो उसे राजकुमारी के श्राप को तोड़ने का तरीका भी मिल गया। वह खुशी से फिनिश के पास गई और यह खुशखबरी उसे दी। उसने बताया कि यह श्राप शहजादी को जानबूझकर दिया गया है। इसमें उसकी कोई गलती थोड़ी है और अब उनका अगला काम राजकुमारी के श्राप को काटना ही होगा। लेकिन वह शायद इस मूवी के अगले पार्ट में दिखाया जाएगा जो कि अभी आया नहीं है। वीडियो पसंद आई तो लाइक कर देना, चैनल को सब्सक्राइब कर देना और 1 मिलियन जल्दी से करवा दो प्लीज। अब रुका नहीं जा रहा भा।

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Channel: Anokhi Films

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