Transcript of جشنِ آزادی پر تقر یر | 14th August Speech in Urdu | Indpendence Day speech in Urdu | یو مِ آزادی
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मैं इतना है रब्बे जलील के बाद बरकत नाम से जो हमारी शहरक से भी ज्यादा करीब है यह सूरज सितारों का जहां कोई नहीं देगा जमीन कोई तो तुमको हम आपको कोई नहीं देगा वतन यह मिट गया तो तुम भी मिट जाओगे नाद दोनों इसी को जिंदगी समझो किसी को जिंदगी मानो कि पाकिस्तान से बाहेर तुम्हारा कुछ नहीं यारों के पाकिस्तान से बाहिर हमारा कुछ नहीं आरोप सदरे आलम अर्थ बाद मैं जब तारीख का मजा लिया करती हूं तो खुद को कई बरस पीछे महसूस करके मैं देखती हूं जनाब सुधर मैं देखती हूं कि अ जो व्यक्ति की तस्वीर शहीदों के लहू से लिखी गई तहरीर काय के अंत तक मेहनत की तस्वीर इकबाल के ख्वाब की ताबीर मेरा पाकिस्तान लहू-लुहान जब डुबल के शिकंजे को तोड़कर दुनिया के नक्शे पर रोशनी बनकर उभरता है तो अधूरी यह कहते हैं कि चश्मों साल से ज्यादा जमुना पाएगा और दुनिया के नक्शे से गायब हो जाएगा मगर आज मगराज तारीख के मंज़र देखती है कि हम अल्लाह के फसलों कर्म से ना सिर्फ टाइम और टाइम है बल्कि हमने अपनी जगह जैसे साबित कर दिया कि जो अपना काफी लाभ को यकीन से निकलेगा जब अपना सा फिल्मों अपनी से निकलेगा जहां से चाहेंगे रास्ता वही से निकलेगा सभी अधिकार हम हर मास पर साबित क़दम रहे और तरक्की की मंजिल तय करते आगे आगे और आगे बढ़ते चले गए हम जरा तो बहादुरी में सुलतान टीपू है पर बने फैमिली तलवार बने फारुख की ललकार बने हम सारी में शहर आदि बने हम दिमाग गिरी ने फिर दोस्ती हम सात बने तो अभिलाषा हम सोच बने तो वर्ष हम अ कल बने तो शहर लतीफ मोहम्मद बने हम रक्त बने हम सचल सरमस्त बने क्रिकेट के मैदान में इमरान खान उपवास में जहांगीर जान स्टेट बने तालीम के मैदान में सई मोहम्मद खान बने और जब बात मिलती इबादत और शालिनी नियत कि आई तो मेजरल शेट्टी और मेजर तो फेल बने हम इंसानियत की कीमत के लिए अब्दुल सत्तार ईधी बने हमसाए के सिपहसालार बने और दुश्मन के लिए कलाकार बने हमने दहशतगर्दी का जड़ से खात्मा किया हमारी आवाज आज भी अपनी शर्तों पर शिक्षा पिलाई दीवार बनकर खड़ी है और दुश्मनों को चेतावनी देती है कि हमको फोन है जो जैसे जबर मिटाती है जालिम को मार भगाती है हम मौत ऑन दिखाते हैं हम ट्रैफिक घबराते हैं इकबाल ने भी फरमाया है हम तो अब से भी लड़ जाते हैं हम इन थे तो फिर तूने पाकिस्तान तय हुआ था इतने बड़े जीवन सागर में ढूंढ पाएंगे इस सावधानियां खोला हो ओम राहुल रॉय दिल्ली मुख गुर्जर ने थप्पड़ मार दिया था मैं तुम्हें पा दुश्वारियां
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Channel: Likhai Parhai
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