Transcript of Cryopreservation of cell, tissue and organism | Principle | Types of Cryoprotectant | Application
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सो हेलो गाइस वेलकम टू नोट्स आज का हमारा टॉपिक है क्रायोप्रिजर्वेशन इसमें हम जानेंगे क्रायोप्रिजर्वेशन सेल टिशू और ऑर्गेनिको का कैसे होता है साइनोसिस में है इंट्रोडक्शन डेफिनेशन प्रिंसिपल ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन क्रा प्रिजर्वेशन प्रोसेस टाइप्स ऑफ क्रायो प्रोटेक्टेंट्स क्रा प्रिजर्वेशन ऑफ सेल्स क्रा प्रिजर्वेशन ऑफ टिशू क्रा प्रिजर्वेशन ऑफ ऑर्गेनिस्ट एप्लीकेशन ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन एडवांटेज ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन डिस एडवांटेज ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन एंड कंक्लूजन देन रेफरेंस तो यह रहेगा साइनोप्लेक्स स्टार्ट करेंगे इंट्रोडक्शन से क्रा प्रिजर्वेशन एक ऐसी टेक्नीक है जिसमें सेल्स टिश्यू और ऑर्गेनिस्ट को बहुत कम टेंपरेचर पर स्टोर किया जाता है ताकि व लंबे समय तक सुरक्षित रह सके इस प्रक्रिया में आमतौर पर लिक्विड नाइट्रोजन का उपयोग किया जाता है यह टेक्निक मेडिकल साइंस बायोटेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर और एनिमल ब्रीडिंग जैसे क्षेत्रों में काफी ज्यादा महत्त्वपूर्ण है तो यह इसका बेसिक इंट्रोडक्शन था नेक्स्ट देखेंगे हम डेफिनेशन क्रा प्रिजर्वेशन एक यह एक ऐसी टेक्नीक है जिसमें सेल्स टिश्यू या ऑर्गेनिस्ट को एक्सट्रीमली लो टेंपरेचर पर प्रिज किया जाता है ताकि उनकी स्ट्रक्चर और फंक्शन सुरक्षित रह सके प्रिंसिपल ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन देखेंगे क्रा प्रिजर्वेशन इस प्रिंसिपल पर काम करता है कि बहुत कम टेंपरेचर पर सेल्स के अंदर होने वाली बायोकेमिकल और बायोलॉजिकल एक्टिविटीज बहुत स्लो हो जाती है या रुक जाती हैं इससे सेल्स को डैमेज होने का खतरा कम हो जाता है लेकिन ठंड के दौरान आइस क्रिस्टल बनने का खतरा होता है जो सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है इसी को रोकने के लिए क्रायो प्रोटेक्टेंट्स नामक केमिकल्स का उपयोग किया जाता है जो सेल्स के अंदर और बाहर आइस क्रिस्टल फॉर्मेशन को रोकते हैं नेक्स्ट है क्राय प्रिजर्वेशन प्रोसेस देखेंगे क्राय प्रिजर्वेशन के मुख्य स्टेप्स ये होते हैं फर्स्ट है इसमें सैंपल प्रेशन सेल्स या टिशू को एक विशेष मीडियम में रखा जाता है जिसमें न्यूट्रिएंट और क्रायोप्रोटेक्टेंट्स शामिल होते हैं क्रायोप्रोटेक्टेंट क्रायोप्रोटेक्टेंट्स का काम सेल्स को फ्रीज डैमेज से बचाना होता है सेकंड है कूलिंग प्रोसेस सेल्स को धीरे-धीरे कूल किया जाता है ताकि उनमें आइस क्रिस्टल बनने का खतरा कम हो कूलिंग रेट आमतौर पर 1 डिी सेल्सियस पर मिनट रखी जाती है नेक्स्ट है स्टोरेज कूलिंग के बाद सैंपल को लिक्विड नाइट्रोजन में स्टोर किया जाता है इस टेंपरेचर पर सेल्यूलर एक्टिविटीज लगभग रुक जाती हैं जिससे सेल्स लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं नेक्स्ट स्टेप है थाविंग जब प्रिजर्व सैंपल का उपयोग करना हो तो उन्हें तेजी से नॉर्मल टेंपरेचर पर लाया जाता है थाविंग के दौरान स्पेशल सॉल्यूशन का उपयोग किया जाता है ताकि सेल दोबारा एक्टिव हो सके नेक्स्ट हम देखेंगे टाइप्स ऑफ क्राय प्रोटेक्टेंट्स क्रायो प्रोटेक्टेंट्स वे केमिकल होते हैं जो सेल्स को आइस क्रिस्टल से होने वाले डैमेज से बचाते हैं ये दो प्रकार के होते हैं फर्स्ट है पेनिट्रेटिंग क्रायो प्रोटेक्टेंट्स ये क्रायो ये केमिकल सेल मेंब्रेन के अंदर प्रवेश करके इंट्रा सेल्यूलर वाटर को हटाते हैं एग्जांपल है डीएमएसओ ग्रस एथनल लाइकोल सेकंड है नॉल नॉन पेनिट्रेटिंग क्रा प्रोटेक्टेंट्स ये केमिकल सेल्स बाहर काम करते हैं और सेल्स के बाहर काम करते हैं और एक्स्ट्रा सेल्यूलर आइस क्रिस्टल के फॉर्मेशन को रोकते हैं इसमें एग्जांपल है पॉनी पॉली विनाइल पेरोल और हाइड्रोक्सी एथिल स्टार्च ये इसका एग्जांपल है नेक्स्ट देखेंगे क्रा प्रिजर्वेशन ऑफ सेल्स सेल्स का क्रा प्रिजर्वेशन रिसर्च मेडिसिन और बायोटेक्नोलॉजी में बहुत उपयोगी है इसका प्रोसेस होता है सेल्स को क्रायो प्रोटेक्टेंट्स के साथ मिलाया जाता है ताकि आइस क्रिस्टल्स ना बने फिर सेल्स को धीरे-धीरे कूल किया जाता है ताकि उनमें शौक ना हो फिर सेल्स को लिक्विड नाइट्रोजन में स्टो कर लिया जाता है उसके बाद उपयोग के समय उस सेल्स को तेजी से थॉ किया जाता है यानी कि पिघला या जाता है नेक्स्ट हम देखेंगे क्रा प्रिजर्वेशन ऑफ टिशूज टिशू को प्रिजर्व करना अधिक चैलेंजिंग होता है क्योंकि व मल्टीपल सेल से बने होते हैं प्रोसेस देखेंगे इसका टिशू सैंपल को स्पेशल फ्रीजिंग सॉल्यूशन में रखा जाता है इन्हें धीरे-धीरे कूल करके लिक्विड नाइट्रोजन में स्टोर किया जाता है यूज के समय टिशू को तेजी से थॉ किया जाता है ताकि आइस क्रिस्टल का डैमेज ना हो नेक्स्ट देखेंगे क्राई प्रिजर्वेशन ऑफ ऑर्गेनिस्ट ऑर्गेनिस्ट को प्रिजर्व करना सबसे कॉम्प्लेक्टेड ऑर्गन्स और सिस्टम होते हैं इसका प्रोसेस है स्मॉल ऑर्गेनिस्ट को विशेष क्रा प्रोटेक्टेंट्स में रखा जाता है इन्हें केयरफुली कूल करके लिक्विड नाइट्रोजन में सुरक्षित रखा जाता है कुछ एडवांस मेथड में ऑर्गन्स को ट्रिफिन तकनीक से फ्रीज किया जाता है ताकि आइस क्रिस्टल ना बने नेक्स्ट देखेंगे एप्लीकेशन ऑफ क्र्जर्व फर्स्ट है इसमें मे मेडिकल साइंस आईवीएफ में एग स्पर्म और एंब्रायोजेनेसिस ऑफ एंडेंजर्ड स्पीशीज रेयर और एंडेंजर्ड स्पीशीज को सुरक्षित रखकर उनका रिप्रोडक्शन भविष्य में किया जा सकता है नेक्स्ट है रिसर्च सेल्स और टिशू के सैंपल को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर रिसर्च के लिए इस्तेमाल किया जाता है नेक्स्ट है एडवांटेज ऑफ क्रा प्रिजर्वेशन देखेंगे फर्स्ट सेल्स और टिशू को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है सेकंड रियर स्पीशीज और वेबल जेनेटिक मटेरियल को प्रिजर्व करना संभव होता है नेक्स्ट है आईवीएफ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन और जीन थेरेपी जैसे मेडिसिन मेडिकल टेक्निक्स में उपयोगी है नेक्स्ट देखेंगे डिसएडवांटेज ऑफ क्रायो प्रिजर्वेशन फर्स्ट है कूलिंग और थोइंग के दौरान सेल्स को डैमेज होने का खतरा रहता है नेक्स्ट है क्रायो प्रोटेक्टेंट्स का अधिक उपयोग कभी-कभी सेल्स के लिए टॉक्सिक हो सकता है थर्ड है यह प्रोसेस कॉस्टली होती है और इसके लिए स्पेशल इक्विपमेंट्स की आवश्यकता होती है नेक्स्ट हम देखेंगे कंक्लूजन क्रा प्रिजर्वेशन एक पावरफुल टेक्निक है जो मेडिकल साइंस एग्रीकल्चर और कंजर्वेशन में बड़ी भूमिका निभाती है यह सेल्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन तरीका है जिसका सही उपयोग करके हम रेयर स्पीशीज को बचा सकते हैं बीमारियों का इलाज कर सकते हैं और भविष्य में साइंटिफिक रिसर्च के लिए वैल्युएबल सैंपल्स को स्टोर कर सकते हैं रेफरेंस में है इंट्रोडक्शन टू इंस्ट्रूमेंटल एनालिसिस बाय रॉबर्ट ब्राउन एंड एक्सपेरिमेंटल बायोकेमिस्ट्री बाय क्लार्क एंड सिजर तो इसका रेफरेंस था ठीक है गाइज अगर आपको समझ में आया होगा टॉपिक तो प्लीज लाइक करिए एंड सब्सक्राइब करिए थैंक यू
Cryopreservation of cell, tissue and organism | Principle | Types of Cryoprotectant | Application
Channel: NotesWire
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