Transcript of The Red Sea Route Explained: How Attacks By Houthi Militants Could Hike Prices Globally?
Video Transcript:
द रेड सी इज़ मेकिंग हेडलाइंस अगेन, एंड नॉट फॉर गुड रीज़न। डेडली सी अटैक्स आर बीइंग कैरिड आउट एट द रेड सी। एंड टू नो वन सरप्राइज़ हुदी मिलिटेंट्स हेव क्लेम द रेस्पोंसिबिलिटीस बिहाइंड दीज़ अटैक्स। रिसेंटली टू शिप्स नेम इटरनिटी सी एंड मैजिक सीज़ वेर अटैक्ड बाय हुदीस वेयर सेवरल हैव डाइड एंड सेवरल हैव बीन रिपोर्टेड मिसिंग। एंड ऑफ़ कोर्स हूदी मिलिटेंट्स हेव क्लेम द रेस्पोंसिबिलिटी बिहाइंड दीज़ अटैक्स। बट व्हाई आर हुदीस अटैकिंग द रेड सी एंड अटैकिंग दीज़ शिप्स? वेल हुदीस स्टार्टेड अटैकिंग दीज़ शिप्स इन द रेड सी इन 2023 व्हेन इज़राइल हमास कॉन्फ्लिक्ट बिगेन एंड दे हैव वाउड टू कंटिन्यू डिस्ट्रप्टिंग द रेड सी कंटिन्यू डिस्ट्रप्टिंग द ट्रेड अह द मूवमेंट ऑफ़ शिप्स अंटिल व्हाट दे कॉल इज़राइली अग्रेशन इन गाज़ा सीजेस। नाउ दिस हैज़ डिसररप्टेड द होल मेरिटाइम मूवमेंट एंड इंटरनेशनल ट्रेड एट द रेड सी एंड इट इज इंपैक्टिंग ट्रेड वर्ल्ड वाइड। बट हाउ इज़ इट इंपैक्टिंग ट्रेड वर्ल्ड वाइड? व्हाट इज़ द सिग्निफिकेंस ऑफ़ रेड सी व्हाट इज़ करेंटली हैप्पेनिंग एट द रेड सी? व्हाट हप्पेंस इफ इट इज़ डिसररप्टेड एंड व्हाई इज़ इट इंपॉर्टेंट फॉर इंडिया। वी विल डिस्कस ऑल दिस इन टुडेज़ क्लास। सो वेल कम टू अनदर वीडियो विथ मी गुरप्रीत राणा। सो फर्स्ट ऑफ ऑल लेट्स टॉक अबाउट द डेडली सी अटैक्स एट रेड सी। अभी हाल ही में दो शिप्स व्हिच आर नेम इटरर्निटी सी एंड मैजिक सीज़। ये दोनों ही जहाज जो है इन दोनों पे हमला हुआ है बाय हुदी मिलिटेंट्स एंड दोनों ही जहाज डूब गए हैं। अपार्ट फ्रॉम दिस दोनों जहाजों में जो लोग थे सेवल हैव बीन रिपोर्टेड डेड एंड सेवल हैव बीन रिपोर्टेड मिसिंग। कुछ लोगों को बचा लिया गया है। रेस्क्यू कर लिया गया है। और इनकी रिस्पांसिबिलिटी ली है हुदी ग्रुप ने। सो हुदी का कहना है कि जब तक इजराइली अग्रेशन नहीं रुकेगा गाज़ा में तब तक हुदी मिलिटेंट्स रेड सी के इस एरिया में कब्जा करते रहेंगे और अटैक्स कंटिन्यू रहेंगे इन रेड सी। लेकिन रेड सी की अगर बात करें तो रेड सी पर अगर हमला हो रहा है तो ये वर्ल्ड ट्रेड के पर्सपेक्टिव से कैसे जो है ना कैसे डिस्ट्रप्ट कर सकता है मार्केट को। रेड सी की सबसे पहले अगर बात की जाए तो रेड सी बेसिकली इंडियन ओशियन का ही एक इनलेट है और अफ्रीका और एशिया के बीच में पड़ता है। इसके अलावा ये इंडियन ओशियन और मेडिटरेनियन सी को भी आपस में कनेक्ट करता है। इफ यू टेक अ लुक एट द मैप हियर इज़ मेडिटरियनियन सी और यहां पर आपका इसके आगे पड़ता है इंडियन ओशियन। तो यहां से क्या है? मेडिटरेन सी और इंडियन ओशन को आपस में कनेक्ट करता है। एशिया और अफ्रीका के बीच पड़ता है। और इसके साथ-साथ यूरोप और एशिया का भी एक फास्टेस्ट रूट मिल जाता है। अगर शिप्स रेड सी से होकर जाते हैं। यहां पर है रेड सी। ये जो आपको वाटर वे बीच में नजर आ रहा है। दिस इज होल रेड सी। तो यहीं से होकर यह शिपिंग रूट है। यहां पर जो है हमले हो रहे हैं। अटैक्स हो रहे हैं बाय हुदी मिलिटेंट्स। कंट्रीज की बात करें तो रेड सी के आसपास कुछ कंट्रीज आती हैं जो बॉर्डर करती है रेड सी को व्हिच इज़ इजिप्ट, सऊदी अरेबिया, यमेन, सूडान, एरिट्रिया एंड जिबोती। तो ये कुछ कंट्रीज हैं जो बॉर्डर करती हैं। इसके अलावा रेड सी की बात करें तो रेड सी में यहां पर दो इंपॉर्टेंट चोक पॉइंट्स आते हैं। अगर हम नदर्न साइड की बात करते हैं, नदर्न रेड सी की बात करते हैं तो यहां पर आ जाता है सुएस कैनाल। दिस इज़ वेयर सुएस कैनाल इज़। और स्वेज कैनाल भी वर्ल्ड ट्रेड के पर्सेक्टिव से बहुतेंट है। बट नाउ राइट नाउ बिकॉज़ वी आर डिस्कसिंग अबाउट रेड सी तो वी विल कीप आवर फोकस हियर। अपार्ट फ्रॉम दैट यहां पर आ जाता है एक और बहुत इंपॉर्टेंट स्ट्रेट आ जाता है। दिस स्ट्रेट इज नेम बाब अल मंदा मंदीब। बाब अल मंदीब के नाम से ये स्ट्रेट है व्हिच आल्सो बिकम्स वेरीेंट। अ ये पड़ता है आपका सदर्न साइड। सो ये दो इंपॉर्टेंट चोक पॉइंट्स है जो रेड सी के नदर्न और सदर्न साइड पे पड़ते हैं और बीच में है रेड सी जहां पर ये सारे हमले जो अटैक्स हैं जो हुदीस के थ्रू करवाए जा रहे हैं। अब यहां से होकर बहुत सारा ट्रेड जाता है। अब बात करते हैं इसकेेंस पे कि व्हाई इज इट एक्चुअलीेंट। नाउ अगर हम इसकेेंस की बात करें तो ग्लोबली देखा जाए ग्लोबल शिपिंग में एक बहुतेंट रोल है रेड सी का। बहुत एसेंशियल मैरिटाइम कॉरिडोर है दुनिया में अगर देखा जाए साथ-साथ में एशिया, मिडिल ईस्ट, यूरोप जैसे अ कंट्रीज के लिए जो है मिडिल ईस्ट कंट्रीज एशियन कंट्रीज यूरोप इन कंट्रीज के लिए प्राइमरी ट्रेड रूट है रेड सी। यानी कि अगर ये रास्ता बंद हो जाता है तो इन कंट्रीज को कोई दूसरा रास्ता अपनाना होगा। उसके ऊपर भी हम लोग बात करेंगे कि क्या अल्टरनेटिव है? अगर रेड सी नहीं होगा तो क्या अल्टरनेटिव है जो कंट्रीज ले सकते हैं? क्या अल्टरनेट शिपिंग रूट है जो कंट्रीज यूटिलाइज़ कर सकते हैं। लेकिन अगर यहां पे बात करें इस रूट की तो यहां यह रूट इतना इंपॉर्टेंट है क्योंकि यहां से 12% ऑफ द वर्ल्ड ट्रेड पाससेस दुनिया में जितना ट्रेड किया जाता है उसका 12% जो है वो यहीं से पास होता है। इसी रूट से होते हुए जाता है। इसके अलावा अगर बात करूं मैं डॉलर्स में या अगर मैं वर्थ में बात करूं तो अप्रोक्समेटली $1 ट्रिलियन ऑफ वर्ल्ड ट्रेड पाससेस थ्रू रेड सी। इसके अलावा 7 टू 10% ऑफ वर्ल्ड ऑयल आल्सो पाससेस थ्रू दिस और अगर मैं एलएनजी की बात करूं तो अप्रोक्सिममेटली 8% ऑफ़ वर्ल्ड्स एलएनजी लिक्विड नेचुरल गैस लिक्विफाइड नेचुरल गैस पाससेस थ्रू दिस व्हिच अल्टीमेटली मेक्स दिस रेड सी रूट वेरीेंट अगर हम वर्ल्ड ट्रेड के पर्सेक्टिव से इसे देखते हैं क्योंकि यहां से इतना सारा ट्रेड गुजरता है। इतने सारे कंट्रीज मिडिल ईस्टर्न यूरोपियन एशियन कंट्रीज इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। यहां बाब अल मंदेब है। वी कैन सी हियर इज़ बाबल मंदेब। और यहां पर है सुएस कैनाल और सुएस कैनाल से होते हुए बहुत सारा ट्रेड जो है वो पास ऑन होता है। हिस्टोरिकली भी अगर देखा जाए तो मेडिटेरियनियन सी है यहां पर और यहां पर इंडियन ओशन है जिस जो कनेक्ट होते हैं थ्रू रेड सी रूट। और हिस्टोरिकली भी ये एक रेड से एक ऐसा रास्ता बना है जिसने ग्लोबली एक नेटवर्क बनाया है और ग्लोबली कई सारे नेशंस को आपस में कनेक्ट किया है। व्हिच आल्सो मेक्स इट्स द इट्स द शॉर्टेस्ट एंड फास्टेस्ट रूट। अगर यह वाला रास्ता लिया जाता है फॉर यूरोप एंड कनेक्टिंग यूरोप एंड एशिया तो यह शॉर्टेस्ट और फास्टेस्ट रूट बन जाता है टू कनेक्ट यूरोप एंड एशिया। इसके अलावा यहां पर है सुेस कैनाल। एंड इफ वी टॉक अबाउट स्वेस कैनाल स्वेस कैनाल से अप्रोक्सिममेटली 19000 शिप्स जो है ना वो पास होती हैं। इतनी शिप्स हैं जो ऑन एन एवरेज डेली यहां से गुजरती हैं। व्हिच अल्टीमेटली टेल्स अस कि ये रूट कितना क्रिटिकल हो जाता है क्योंकि इन शिप्स में बहुत क्रिटिकल चीजें होती हैं। कंज्यूमर गुड्स हो गए आपके एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स हो गए, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स हो गए। ये सारी चीजें सुएस कैनाल से होके जाती हैं। व्हिच अल्टीमेटली मेक्स द होल रेड सी रूटेंट। इसके अलावा बात करें तो ये जो दो चोक चोक पॉइंट्स हैं बाबल मंदीब और सुवेज कैनाल अगर इनको ब्लॉक कर दिया जाता है और रेड सी पर इस तरीके से हमले होते रहते हैं दिस कैन अल्टीमेटली कॉज एटॉस्ट्रोफी इन द वर्ल्ड ट्रेड व्हिच अल्टीमेटली सिग्निफाइज कि जो रेड सी रूट है वो अपने आप में कितनाेंट है बिकॉज़ इट्स शॉर्टर इट्स फास्टेस्ट तो ये टाइम भी बचाता है इट इंगेजेस मोर एफिशिएंसी कॉस्ट भी बचाता है बहुत सारी कंट्रीज की तो ये बहुत अपने आप में बहुतेंट हो हो जाता है। तो अगर ऐसे केस में हुदीज़ का अटैक कंटिन्यू रहता है और डिसरप्शनंस रेड सी रूट पर कंटिन्यू रहते हैं तो क्या होगा? वेल हिस्टोरिकली पहले भी अगर देखा जाए 2023 में भी से अटैक्स हुदीज़ कर रहे हैं। रेड सी क्राइसिस पहले भी हुआ है। जब पहले ये चीज हुआ था तो एक रिपल इफेक्ट देखने को मिला था इन द रेड सी। जैसे कि फ्रेट चार्जेस जो है वो इनक्रीस हो गए थे। पांच गुना ज्यादा फ्रेट चार्जेस जो है वो बढ़ गए थे। इसके अलावा शिप्स के जो इंश्योरेंस प्रीमियम्स है उसकी कॉस्ट बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। अपार्ट फ्रॉम दैट जो सप्लाई चेन्स है जो सामान पहुंचाने का पूरा जो आपका सिस्टम है उसमें बहुत ज्यादा डिले एक्सपीरियंस किया गया था जिससे बहुत ज्यादा शॉर्टेज जो है बहुत सारे कंट्रीज में रिसोर्सेज की देखने को मिली थी और साथ-साथ में पोर्ट्स भी बहुत सारे कंजेस्टेड हो गए थे यानी कि बहुत सारी ट्रैफिक्स जो है कुछ-कुछ पोर्ट्स पे बहुत सारी ट्रैफिक पहुंच गई थी जिसकी वजह से कॉस्ट बहुत ज्यादा इनक्रीस हो गई थी ये चीजें पहले के केस में देखने को मिली थी लेकिन अब जब दोबारा से हुदीज ने रेड सी पर अटैक करना शुरू किया है। एंड नाउ दैट इट हैज़ बिगन अगेन। तो अब अगर ऐसे डिरप्शनंस होते हैं तो ऐसे केस में क्या हो सकता है? सबसे पहले तो बात करें तो यहां से रेड सी से जो शिपिंग ट्रैफिक जाता है यह ग्लोबल ऑयल और कमोडिटीज के लिए बहुत वाइटल रूट है। लेकिन जब से हुदीज ने यहां पर अटैक करना शुरू किया है यह 50% ड्रॉप हो गया है। एक ऐसा डिक्लाइन देखने को मिल रहा है जो अभी भी चला आ रहा है क्योंकि अभी भी सिक्योरिटी बहुत अनसर्टेन है। बहुत सारे शिप्स जो है ये रास्ता अभी भी नहीं ले रहे हैं। क्योंकि होदीस ने इस रास्ते को रोका हुआ है। तो अप्रोक्सिममेटली 12% ऑफ़ वर्ल्ड ट्रेड इज़ इंपैक्टेड थ्रू जो जो कि रेड सी से पास होता है। अपार्ट फ्रॉम दिस जो बब अलमंदाब हमने देखा जो पीछे यहां पर ये जो टूक पॉइंट हमने देखा है ये जो स्ट्रेट हमने देखा है ये एक शॉर्टकट की तरह है और अगर ऐसे में यहां पर हमले होते रहते हैं तो सुवेज कैनाल तक भी नहीं पहुंचा रहेगा और यह कहीं ना कहीं शॉर्टकट को कॉम्प्रोमाइज करता है और अगर यह रास्ता पूरा ब्लॉक होता है तो एक एडिशनल ऑलमोस्ट 8900 किमी का डिस्टेंस ट्रैवल करना पड़ेगा शिप्स को प्लस टू वीक्स ऑफ इंक्रीज्ड शिपिंग टाइम यानी कि जहां दो वीक्स कम लग रहे थे पहले शिप शिप्स को ट्रैवल करने में बिटवीन यूरोप एंड एशिया। अब दो हफ्ते एक्स्ट्रा लगेंगे और टाइम भी ज्यादा लगेगा। फ्यूल की कॉस्ट भी ज्यादा लगेगी। तो ऐसे में अगर डिसरप्शनंस होते हैं तो एक बड़ा इफेक्ट देखने को मिलेगा रीड आउटिंग ऑफ़ वेसल्स एंड लॉन्ग शिपिंग टाइम्स। बिकॉज़ ऑफ कोर्स रेड सी से होकर नहीं जाना पड़ेगा। रास्ता बदलना पड़ेगा, रीड आउट करना पड़ेगा। जिसकी वजह से ज्यादा लंबा समय लगेगा जैसा कि अभी हमने देखा। इसके अलावा बात करें तो इंश्योरेंस और फ्रेट कॉस्ट बढ़ जाएगी। जो पहले ट्रेंड देखा गया था सेम वही ट्रेंड अभी भी देखने को मिल सकता है। पहले भी फ्रेट कॉस्ट बहुत ज्यादा इंक्रीस हो गई थी। इंश्योरेंस की कॉस्ट बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। तो ऐसे में अगर वेस्टल ट्रैफिक कम होता है सुएस कैनाल और बाबा अलमंदी स्ट्रेट से तो इससे क्या है अल्टरनेट जो दूसरे दूसरे रास्ते हैं वहां पर बर्डन बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा और इससे ग्लोबल ट्रेड रेट्स जो है वो बढ़ सकते हैं। इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन में डिरप्शनंस देखने को मिलेंगे। अह जो वेसल्स का रीराउटिंग है उससे सिर्फ कॉस्ट ही नहीं लेकिन सप्लाई चेन भी पर भी काफी असर पड़ेगा क्योंकि एडिशनल ट्रांजिट टाइम रहेगा। ऐसे में बहुत सारे ऐसे प्रोडक्ट्स होते हैं बहुत सारे ऐसे गुड्स होते हैं जिनको कम टाइम में पहुंचाना होता है जो टाइम सेंसिटिव गुड्स होते हैं। ऐसे में लंबा रास्ता लेके और उसमें लंबा समय लगेगा। इससे क्या है? गुड्स की शेलफ लाइफ जो है उस पे रिस्क आ सकता है और अल्टीमेटली शॉर्टेज भी देखने को मिल सकता है जब ग्लोबल सप्लाई चेन हैंपर होता है। तो ऐसे में अगर डिसरप्शन होता है रेड सी के रास्ते पे तो इस तरीके की चीजें फेस करनी पड़ सकती है कंट्रीज को। इस तरीके का रिबल इफेक्ट कंट्रीज को फेस करना पड़ सकता है। अब बात करते हैं कि व्हाई इज दिस ट्रेड रूटेंट फॉर इंडिया? इंडिया के लिए ये ट्रेड रूट इसलिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि इंडिया रेड सी रूट पर हेवीली रिलायंट है। सुएस कैनाल से होते हुए इंडिया ट्रेड करता है यूरोप से, नॉर्थ अमेरिका से, नॉर्थ अफ्रीका और मिडिल ईस्ट कंट्रीज से। इन कंट्रीज के साथ का साथ इंडिया ट्रेड करता है। अगर ट्रेड डायनेमिक्स की बात करें तो 2010 में 33.4% इंडिया का ओवरऑल ट्रेड था यूरोप, अमेरिकास और नॉर्थ अफ्रीका से जो कि 37.5% तक अब बढ़ चुका है। और इंडिया का बहुत सारा ट्रेड जो है वो सीबॉर्न है और रेड सी और सुएस कैनाल से होकर ही जाता है। सो ऐसे में रेड सी इंडिया के लिए स्ट्रेटेजिकली बहुत इंपॉर्टेंट हो जाता है व्हेन इट कम्स टू ट्रेड। अगर बात करें लेटेस्ट डाटा की तो एस पर 2024 जो उससे पिछला फाइनेंसियल ईयर था उसमें इंडिया का 50% एक्सपोर्ट जो है वो यहां रेड सी से होकर गया है और 30% इंपोर्ट जो है वो रेड सी के रास्ते से होते हुए आया है। तो अगर रेड सी पर इसी तरीके से हमले होते रहते हैं तो इंडिया को भी अल्टीमेटली हाई कॉस्ट्स बियर करनी होंगी। इंडिया को भी अल्टीमेटली शॉर्टेजेस फेस करनी पड़ सकती हैं। अह जो डिसरप्शन बाकी कंट्रीज को फेस करना पड़ेगा अगर रेड सी का रास्ता बंद होता है तो वही सेम डिसरप्शन इंडिया को भी फेस करना पड़ सकता है। बिकॉज़ दिस रूट इज़ेंट फॉर इंडिया टू इन टर्म्स ऑफ़ ट्रेड। लेकिन अगर यह रास्ता नहीं अगर रेड सी बंद हो जाता है तो इसका अल्टरनेटिव क्या है? इसका एक अल्टरनेटिव है केप ऑफ़ गुड होप। केप ऑफ गुड होप जो है ना अगर इसकी बात की जाए तो ऐसे शिप्स जो रेड सी को अवॉइड कर रहे हैं वो केप ऑफ गुड होप वाला रास्ता यूज कर रहे हैं लेकिन केप ऑफ गुड होप की अगर बात की जाए तो यह रास्ता यूरोप और एशिया को कनेक्ट तो करता है लेकिन इट इज लगर दिस रूट इज लगर एंड इट ऑफ कोर्स रेस कॉस्ट्स टू ट्रैवल इससे फ्रेट चार्जेस ज्यादा हो जाते हैं। इंश्योरेंस प्रीमियम ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि जब तक स्वेस कैनाल ओपन नहीं हुआ था जो यहां पर है तब तक केप ऑफ गुड होप से ही इसी रास्ते से होते हुए ट्रेड किया जाता था। लेकिन यहां से पहले बहुत ज्यादा टाइम लगता था। बहुत ज्यादा कॉस्ट लगती थी। बट नाउ बिकॉज़ रेड सी हैज़ ओपन। तो बहुत सारे कंट्रीज जो है रेड सी का रास्ता ऑफ कोर्स यूटिलाइज़ करते हैं। बट बिकॉज़ नाउ अटैक्स आर हैप्पेनिंग एट द रेड सी। केप ऑफ़ गुड होप इज़ अनदर अल्टरनेटिव। बट बिकॉज़ इट टेक्स मोर टाइम एंड इट इज़ लॉन्गर इट आल्सो अफेक्ट्स अदर कंट्रीज़। सो ओवरऑल अगर देखा जाए तो रेड सी वर्ल्ड ट्रेड के लिए एक इंपॉर्टेंट रूट बन जाता है। यूरोप और एशिया को कनेक्ट करने का एक फास्टेस्ट और शॉर्टेस्ट रूट है अगर केव ऑफ़ वुड होप से इसे कंपेयर किया जाए तो। ऐसे में अगर हुदी मिलिटेंट्स यहां पर अटैक्स करते रहते हैं। इफ दे कंटिन्यू टू अटैक एट द रेड सी। इट इज गोइंग टू कॉज मेजर डिस्टरप्शन इन द वर्ल्ड ट्रेड। व्हाट डू यू थिंक ऑफ दिस होल मैटर? डू शेयर योर थॉट्स विथ अस इन द कमेंट सेक्शन बिलो। इफ यू लाइक दिस वीडियो देन लाइक, शेयर एंड सब्सक्राइब टू ईटी नाउ।
The Red Sea Route Explained: How Attacks By Houthi Militants Could Hike Prices Globally?
Channel: ET NOW
Share transcript:
Want to generate another YouTube transcript?
Enter a YouTube URL below to generate a new transcript.